Sun. Feb 22nd, 2026

Category: News

दशम जलप्रपात : चट्टानों पर गिरती 10 जलधाराएं

स्वर्णरेखा की सहायक नदी कांची (कचनी) जब दक्षिणी छोटानागपुर पठार या रांची के पठारी हिस्से से बहती हुई करीब 44 मीटर की ऊंचाई से गिरती है तो इसकी रचना होती…

नलबाण : मानसून में गायब हो जाने वाला पक्षी अभयारण्य

15.53 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित नलबाण पक्षी अभयारण्य का एक सिरा पूर्व में बंगाल की खाड़ी के पास तक पहुंचता है। न्यूज हवेली नेटवर्क शिवालिक की पहाड़ियों और मध्य प्रदेश…

भांग : औषधीय गुणों से भरपूर “पवित्र” पौधा

अथर्ववेद में भांग के पौधे को पांच सबसे पवित्र पौधों में से एक बताया गया है। कुछ लोगों का यहां तक मानना है कि वेदों में देवताओं के जिस प्रिय…

Devprayag : उत्तराखण्ड का रत्न देवप्रयाग

Devprayag : उत्तराखण्ड में पवित्र नदियों के संगमों पर देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, नन्दप्रयाग, कर्णप्रयाग और विष्णुप्रयाग स्थित हैं जिन्हें पंच प्रयाग कहते हैं। देवप्रयाग इन पंच प्रयागों में सबसे श्रेष्ठ और…

ट्रैकिंग : प्रकृति का साक्षात्कार, दमखम और बुद्धिमत्ता की परीक्षा

यूं तो पूरे भारत में तमाम ट्रैकिंग रूट हैं पर हिमालयी क्षेत्र और सहयाद्रि के ट्रैकिंग रूट्स की बात ही अलग है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ बैहतरीन ट्रैक्स…

गोकर्ण : कर्नाटक का “छुपा हुआ रत्न”

अपने रमणीय समुद्र तटों और मन्दिरों के लिए जाना जाने वाला गोकर्ण कर्नाटक के उत्तर कन्नड जिले का एक छोटा-सा शान्त शहर है। यहां के शानदार समुद्र तट बरबस ही…

लक्ष्मी कमल पौधा : लाभ, वास्तु और देखभाल

लक्ष्मी कमल पौधा निश्चित रूप से आसपास के वातावरण में सकारात्मकता जोड़ता है जो कि इसके महत्वपूर्ण लाभों में से एक है। तरोताजा और जीवंत महसूस करने के लिए आप…