Sat. Feb 15th, 2025

Category: Heritage

टेढ़ा मंदिर : 118 साल से एक तरफ झुका हुआ है यह मन्दिर

Tedha Temple: चकवन कालीधर में स्थित ऐतिहासिक रघुनाथेश्वर मन्दिर (Raghunatheshwar Temple) विनाशकारी भूकम्प में ध्वस्त तो नहीं हुआ पर एक तरफ झुककर टेढ़ा अवश्य हो गया। आज करीब 118 साल…

तन्जावूर : कावेरी तट पर “मन्दिरों की नगरी”

चेन्नई से लगभग 351 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में कावेरी नदी के तट पर स्थित इस शहर में 75 से अधिक छोटे-बड़े मन्दिर हैं जिस कारण इसे “मन्दिरों की नगरी” भी कहा…

विरूपाक्ष मन्दिर : भारतीय वास्तुकला की समृद्ध विरासत

यूं तो पूरा हम्पी ही यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल है पर विरूपाक्ष मन्दिर की विशालता और शिल्प सौन्दर्य का अलग ही आकर्षण है। इसका निर्माण विजयनगर…

भीमबेटका : भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन के प्राचीनतम चिह्न

भीमबेटका (Bhimbetka) एक पुरापाषाणिक पुरातात्विक स्थल है। यहां की गुफाएं आदि-मानव द्वारा बनाये गये शैलाश्रयों और शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बनाये गये चित्र भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन…

मोढेरा सूर्य मन्दिर : गुजरात में सोलंकी राजवंश की विरासत

मोढेरा सूर्य मन्दिर भारतीय स्थापत्य एवं शिल्पकला का बेजोड़ उदाहरण है। मन्दिर की संरचना कुछ इस तरह की है कि विषुव के समय सूर्य की किरणें मन्दिर के गर्भगृह में…

सर्वाणी शक्तिपीठ : सागर के बीच माता का धाम

सर्वाणी शक्तिपीठ को भगवान परशुराम द्वारा निर्मित पहला दुर्गा मंदिर माना जाता है और यह दुनिया के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह शक्तिपीठ हिन्द महासागर, बंगाल की खाड़ी…

Jageshwar: जागेश्वर : यहीं से शुरू हुई शिवलिंग पूजन की परम्परा

Jageshwar: पतित पावन जटागंगा के तट पर समुद्रतल से लगभग 6200 फुट की ऊंचाई पर स्थित जागेश्वर धाम (Jageshwar Dham) में करीब ढाई सौ छोटे-बड़े मन्दिर हैं। मुख्य परिसर में…

पशुपतिनाथ मन्दिर: बागमती के तट पर महादेव का पांच मुख वाला विग्रह

Pashupatinath Temple: पशुपतिनाथ मन्दिर में भगवान शिव की एक पांच मुख वाली मूर्ति है। विग्रह में चारों दिशाओं में एक-एक मुख है जबकि एक मुख ऊपर की ओर है। प्रत्येक…

अरुल्मिगु धनदायुथपानी स्वामी मन्दिर: शिव पुत्र कार्तिकेय का निवास स्थान

Arulmigu Dhanadayuthapani Swamy Temple: अरुल्मिगु धनदायुथपानी स्वामी मन्दिर भगवान शिव के पुत्र भगवान मुरुगन यानी कार्तिकेय को समर्पित है और उनका सबसे प्रसिद्ध एवं सबसे विशाल मंदिर माना जाता है।…

रामेश्वरम् : भगवान राम ने की थी इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना

Rameshwaram Jyotirlinga : रामेश्वरम् का मंदिर भारतीय निर्माण-कला और शिल्पकला का एक सुन्दर नमूना है। इसके प्रवेश-द्वार 40 फीट ऊंचा है। इसके प्रांगण में और मंदिर के अंदर सैकड़ों विशाल…