Wed. Feb 4th, 2026

Author: Gajendra Tripathi

जागेश्वर मन्दिर : महादेव का जागृत धाम जहां से शुरू हुई शिवलिंग पूजन की परम्परा

जटा गंगा के तट पर स्थित जागेश्वर धाम को भगवान शिव की तपोस्थली कहा जाता है। हालांकि इसके ज्योतिर्लिंग होने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। जागेश्वर मन्दिर को उत्तराखण्ड का…

शनि जयंती 2024 : शनिदेव की कृपा पाने को करें यह उपाय, इन बातों का रखें ध्यान

इस आलेख में हम आपको यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि शनिदेव को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने के लिए उनके जन्मदिवस यानी शनि जयंती (वर्ष 2024 में…

सलमान खान के घर पर हमले को आरोपी ने लॉकअप में की खुदकुशी

विक्की और सागर ने फायरिंग से पहले सलमान खान के घर की 3-4 बार रेकी की। इस काम के लिए दोनों को फायरिंग वाली रात ही पिस्टल सप्लाई की गई…

बरेली से कटारमल तक, यह यात्रा है दद्दू और उनकी दो बहादुर बेटियों की

रास्ते भर खूब मस्ती और एक-दूसरे से मजाक करते हुए आख्रिरकार हम लोग पहुंच ही गये बाल्टा जलप्रपात (Balta Falls) पर। जलप्रपात का शानदार दृश्य देखकर हम लोग अभिभूत थे।…

सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल में भारत के पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार

सिलीगुड़ी (Siliguri) भौगोलिक दृष्टि से एक ओर नेपाल की सीमा से जुड़ा है और दूसरी ओर बांग्लादेश से। लकड़ी और चाय उत्पादन में इसकी अपनी अलग पहचान है तो पर्यटन…

कसार देवी : अल्मोड़ा में माता कात्यायनी का प्रकाट्य स्थल

देवी भागवत पुराण के अनुसार मां दुर्गा ने शुम्भ और निशुम्भ नामक दो राक्षसों का संहार करने के लिए देवी कात्यायनी का रूप धारण किया था। मान्यता है कि मान्यता…

शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए करें भगवान हनुमान के ये चामत्कारिक उपाय

हनुमान जी ने शनि देव को रावण की कैद से मुक्त कराया। इससे शनि देव अत्यंत प्रसन्न हुए और हनुमान जी को वरदान मांगने को कहा। हनुमान जी ने कहा,…

टी-20 विश्वकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, पंत की वापसी, राहुल बाहर

India Squad for T20 WC Live: इस साल 1 जून से टी20 वर्ल्‍ड कप वेस्‍टइंडीज और अमेरिका की मेजबानी में आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए टीमों की घोषणा…

कालिम्पोंग : शिवालिक पर्वतमाला में लेप्चाओं के खेलने की पहाड़ी

कालिम्पोंग अपनी जैव विविधता, मनोरम पहाड़ों और घाटियों, बौद्ध मठों, मन्दिरों, गिरजाघरों और तिब्बती हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। यह ऑर्किड, कैक्टस और सजावटी पौधों की विविध किस्मों का घर…

नैनीताल में घुमक्ड़ी : कनरखा गांव की छत पर चांदी

हमारे सामने था नन्दादेवी हिम-शिखर जो हिमालय पर्वत श्रृंखला में पूर्व में गौरी गंगा और पश्चिम में ऋषि गंगा की घाटियों के बीच उत्तराखण्ड में स्थित है। इसकी ऊंचाई 7816…