Wed. Feb 4th, 2026

Category: Tourism

Patnitop – पटनीटॉप नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा

Patnitop : पटनीटॉप को पहले “पाटन दा तालाब” कहा जाता था जिसका अर्थ है “राजकुमारी का तालाब”। उधमपुर जिले में समुद्र तल से 2,024 मीटर की ऊंचाई पर बसे पटनीटॉप…

चौकोड़ी : ऐसी खूबसूरती और कहां!

Chaukodi: पिथौरागढ़ जिले की बेरीनाग तहसील में स्थित चौकोड़ी एक छोटा-सा पहाड़ी कस्बा है जो राष्ट्रीय राजमार्ग 309ए पर बेरीनाग से 10 किलोमीटर दूर है। समुद्र तल से 2010 मीटर…

जिंजी किला : कई साम्राज्यों के उत्थान और पतन का गवाह

Jinji Fort को दुर्गम पहाड़ियों के बीच इस तरह बनाया गया है कि छत्रपति शिवाजी ने इसको भारत का सबसे “अभेद्य दुर्ग” कहा था। अंग्रेज इसे “पूरब का ट्रॉय” कहते…

बिनसर : झांडी ढार पहाडी पर पक्षियों का संसार

Binsar Wildlife Sanctuary: वनस्पतियों के मामले में अत्यंत समृद्ध बिनसर (Binsar) में हरी मखमली घास के मैदान हैं तो यहां के घने जंगलों में देवदार, बांज, बुरांस सुरई, चीड़, शाहबलूत,…

Bir Billing- बीर बिलिंग : चलो कुछ पल मौत के साथ खेला जाये…

Bir Billing: बैजनाथ में बस में बैठने के ठीक आधा घण्टे बाद मैं बीर बिलिंग (Bir Billing) चौराहे पर था और बैग कन्धे पर लादकर पैराग्लाइडिंग लैण्डिंग साइट की तरफ…

सापुतारा : गुजरात का इकलौता हिल स्टेशन

Saputara: सापुतारा का शाब्दिक अर्थ है “सांपों का निवास”। इस क्षेत्र के आदिवासी सांपों की पूजा करते हैं। यह डांग जिले में सह्याद्रि के पठार में एक बेहद ही खूबसूरत…

उदयगिरि गुफाएं : पत्थरों पर लिखा इतिहास

Udayagiri Caves : शिलालेखों के आधार पर यह स्पष्ट है कि उदयगिरि गुफाओं का निर्माण गुप्त नरेशों द्वारा 250 से 410 ईसा पूर्व के बीच करवाया गया था। कलाभेद के…

तवांग : चीन सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश का अनमोल रत्न

समुद्र की सतह से 3,048 मीटर की ऊंचाई पर तवांग (Tawang) चू घाटी में स्थित एक शान्त इलाका है जहां शानदार पहाड़ियां, मनमोहक घाटियां, साहसिक गतिविधियों के शौकीनों को चुनौती…

नेपाल में घुमक्कड़ी : त्योहार पर जन्नत की सैर

महेन्द्रनगर में हम सबसे पहले एक बेहतरीन शख्सियत और साइक्लिस्ट धाना तमांग अवस्थी के घर पहुंचे जहां दीवाली की भेंट और शुभकामनाओं के बाद अवस्थी साहब के हाथ की एक-एक…