Thu. Apr 3rd, 2025

Category: Religion

तन्जावूर : कावेरी तट पर “मन्दिरों की नगरी”

चेन्नई से लगभग 351 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में कावेरी नदी के तट पर स्थित इस शहर में 75 से अधिक छोटे-बड़े मन्दिर हैं जिस कारण इसे “मन्दिरों की नगरी” भी कहा…

जटोली शिव मन्दिर : यहां पत्थरों से निकलती है डमरू की आवाज

जटोली शिव मन्दिर के शिखर पर लगाया गया स्वर्ण कलश 11 फुट ऊंचा है जिसे मिलाकर मन्दिर की ऊंचाई करीब 122 फुट पहुंच गयी है। खास बात यह है कि…

त्रिस्रोता शक्तिपीठ : यहां भ्रामरी के रूप में पूजी जाती हैं माता

Trisrota Shaktipeeth: वन्यक्षेत्र में तीस्ता नदी के किनारे स्थित इस धाम यानी त्रिसोता शक्तिपीठ की शक्ति हैं भ्रामरी जबकि भगवान शिव को अम्बर और भैरवेश्वर कहते हैं। भ्रामरी को मधुमक्खियों…

सर्वाणी शक्तिपीठ : सागर के बीच माता का धाम

सर्वाणी शक्तिपीठ को भगवान परशुराम द्वारा निर्मित पहला दुर्गा मंदिर माना जाता है और यह दुनिया के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह शक्तिपीठ हिन्द महासागर, बंगाल की खाड़ी…

Jageshwar: जागेश्वर : यहीं से शुरू हुई शिवलिंग पूजन की परम्परा

Jageshwar: पतित पावन जटागंगा के तट पर समुद्रतल से लगभग 6200 फुट की ऊंचाई पर स्थित जागेश्वर धाम (Jageshwar Dham) में करीब ढाई सौ छोटे-बड़े मन्दिर हैं। मुख्य परिसर में…

पशुपतिनाथ मन्दिर: बागमती के तट पर महादेव का पांच मुख वाला विग्रह

Pashupatinath Temple: पशुपतिनाथ मन्दिर में भगवान शिव की एक पांच मुख वाली मूर्ति है। विग्रह में चारों दिशाओं में एक-एक मुख है जबकि एक मुख ऊपर की ओर है। प्रत्येक…

अरुल्मिगु धनदायुथपानी स्वामी मन्दिर: शिव पुत्र कार्तिकेय का निवास स्थान

Arulmigu Dhanadayuthapani Swamy Temple: अरुल्मिगु धनदायुथपानी स्वामी मन्दिर भगवान शिव के पुत्र भगवान मुरुगन यानी कार्तिकेय को समर्पित है और उनका सबसे प्रसिद्ध एवं सबसे विशाल मंदिर माना जाता है।…

रामेश्वरम् : भगवान राम ने की थी इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना

Rameshwaram Jyotirlinga : रामेश्वरम् का मंदिर भारतीय निर्माण-कला और शिल्पकला का एक सुन्दर नमूना है। इसके प्रवेश-द्वार 40 फीट ऊंचा है। इसके प्रांगण में और मंदिर के अंदर सैकड़ों विशाल…

Kedarnath Jyotirlinga : केदारनाथ : पांच नदियों की भूमि पर शिव का धाम

केदारनाथ मन्दिर (Kedarnath Temple) को बनाने के लिए इस्तेमाल किये गये पत्थरों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए इण्टरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके कारण ही यह मंदिर…

अन्नपूर्णा बरसाएंगी नवरत्नों का खजाना, प्रसाद में मिलेंगे चांदी और पीतल के सिक्के

भक्तों के वर्ष में केवल चार दिन स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता था लेकिन इस बार वे लगातार दूसरे वर्ष पांच दिन मां के दर्शन कर सकेंगे।…