दारमा घाटी : कुदरत और खूबसूरत लोगों से मिलने की यात्रा
चांदनी रात में पंचाचूली को देखने के लिए हम ढाई बजे उठ गये। 15 मिनट पंचाचूली के अलौकिक दर्शन करने के बाद हम फिर सो गये और सुबह पांच बजे…
चांदनी रात में पंचाचूली को देखने के लिए हम ढाई बजे उठ गये। 15 मिनट पंचाचूली के अलौकिक दर्शन करने के बाद हम फिर सो गये और सुबह पांच बजे…
भारत में ऐसे कई समुद्र तटीय और द्वीपीय स्थान हैं जहां का मौसम सर्दी के मौसम में भी सम रहता है यानी न ज्यादा सर्द और न ही अधिक गर्म।…
समुद्र तल से 2300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुनस्यारी को उत्तराखंड का “मिनी कश्मीर” भी कहा जाता है। तिब्बत और नेपाल सीमा के करीब बसा यह छोटा सा पर्वतीय…
खण्डाधार जलप्रपात सुन्दरगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यह ओडिशा का दूसरा जबकि देश का 12वां सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बणई अनुमण्डल के लहुणीपाड़ा प्रखण्ड में हरे-भरे जंगलों…
महाराणा सज्ज्न सिंह का इरादा यहां मूल रूप से एक खगोलीय केन्द्र के रूप में नौ मंजिला परिसर का निर्माण करना था जहां से मानसून की गति और उसकी सूक्ष्म…
चित्तूर शहर व इसके आसपास का क्षेत्र अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, घाटियों, जल प्रपातों, वन सम्पदा और जैव विधता, किलों एवं मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के प्राकृतिक दृश्य मन…
दीमापुर नागालैण्ड का सबसे बड़ा शहर और वाणिज्यक केन्द्र है। इसके पूर्वी भाग में धनसिरी नदी है, दूसरी तरफ वन और घास के मैदान हैं। यहां पहाड़, घाटियां, जैव विविधता…
हुण्डरू जलप्रपात (Hundru Falls) के शीर्ष से नीचे उतरने के लिए करीब साढ़े सात सौ सीढ़ियां हैं। लगभग 100 मीटर गहरी खाई से ऊपर की ओर देखने पर लगता है…
शीतकाल के दौरान चिल्का झील (Chilka Lake) भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसके साथ ही यह कई प्रकार की दुर्लभ वनस्पतियों और…
समुद्र की सतह से 823 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाड़ी दर्रे पर स्थित अगुम्बे (Agumbe) कर्नाटक के मैदानी इलाकों को तटीय क्षेत्र से जोड़ता है। यहां हरे-भरे जंगल, बलखाती…