Wed. Feb 4th, 2026

Category: Tourism

दारमा घाटी : कुदरत और खूबसूरत लोगों से मिलने की यात्रा

चांदनी रात में पंचाचूली को देखने के लिए हम ढाई बजे उठ गये। 15 मिनट पंचाचूली के अलौकिक दर्शन करने के बाद हम फिर सो गये और सुबह पांच बजे…

सार संसार एक मुनस्यार : सारे संसार की खूबसूरती पर भारी मुनस्यारी का सौन्दर्य

समुद्र तल से 2300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुनस्यारी को उत्तराखंड का “मिनी कश्मीर” भी कहा जाता है। तिब्बत और नेपाल सीमा के करीब बसा यह छोटा सा पर्वतीय…

खण्डाधार जलप्रपात : चट्टानों पर कुलांचे भरती कोरापानी

खण्डाधार जलप्रपात सुन्दरगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यह ओडिशा का दूसरा जबकि देश का 12वां सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बणई अनुमण्डल के लहुणीपाड़ा प्रखण्ड में हरे-भरे जंगलों…

सज्जनगढ़ दुर्गः एक किला जिसे कहते हैं महल

महाराणा सज्ज्न सिंह का इरादा यहां मूल रूप से एक खगोलीय केन्द्र के रूप में नौ मंजिला परिसर का निर्माण करना था जहां से मानसून की गति और उसकी सूक्ष्म…

चित्तूर : प्रकृति, अध्यात्म और स्थापत्य का संगम

चित्तूर शहर व इसके आसपास का क्षेत्र अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, घाटियों, जल प्रपातों, वन सम्पदा और जैव विधता, किलों एवं मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के प्राकृतिक दृश्य मन…

दीमापुर : नागालैण्ड का प्रवेश द्वार

दीमापुर नागालैण्ड का सबसे बड़ा शहर और वाणिज्यक केन्द्र है। इसके पूर्वी भाग में धनसिरी नदी है, दूसरी तरफ वन और घास के मैदान हैं। यहां पहाड़, घाटियां, जैव विविधता…

हुण्डरू जलप्रपात : सुवर्णरेखा की छलांग

हुण्डरू जलप्रपात (Hundru Falls) के शीर्ष से नीचे उतरने के लिए करीब साढ़े सात सौ सीढ़ियां हैं। लगभग 100 मीटर गहरी खाई से ऊपर की ओर देखने पर लगता है…

चिल्का : नदी की मिट्टी से बनी झील

शीतकाल के दौरान चिल्का झील (Chilka Lake) भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसके साथ ही यह कई प्रकार की दुर्लभ वनस्पतियों और…

अगुम्बे : दक्षिण भारत का चेरापूंजी

समुद्र की सतह से 823 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाड़ी दर्रे पर स्थित अगुम्बे (Agumbe) कर्नाटक के मैदानी इलाकों को तटीय क्षेत्र से जोड़ता है। यहां हरे-भरे जंगल, बलखाती…