सनातन बोर्ड का काम किसी की संपत्ति पर कब्जा करना नहीं, बल्कि मठ-मंदिरों और सनातन धर्मावलंबियों की सुरक्षा करना होगाः बालकानंद गिरि
प्रयागराज। (Draft of Sanatan Board ready) सनातन बोर्ड का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। महाकुंभ 2025 में अखिल भारतीय सनातन परिषद इसको लेकर धर्म संसद का आयोजन करेगीं जिसमें चारों पीठ के शंकराचार्यों और 13 अखाड़ों सहित प्रमुख संतों को आमंत्रित किया जाएगा। सनातन बोर्ड पर सबकी राय मांगी जाएगी और सामूहिक राय के आधार पर प्रारूप को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव पास किया जाएगा। इसके पश्चात प्रस्ताव को केंद्र और सभी प्रदेशों की सरकारों को भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
महाकुंभ मेला क्षेत्र में शुक्रवार को हुई बैठक में सनातन बोर्ड के प्रारूप पर मंत्रणा हुई। आनंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि का कहना था कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन आवश्यक है। सनातन बोर्ड का काम किसी की संपत्ति पर कब्जा करना नहीं, बल्कि मठ-मंदिरों और सनातन धर्मावलंबियों की सुरक्षा करना होगा। जो मठ-मंदिर कब्जा किए गए हैं अथवा ध्वस्त कर दिए गए हैं, उन्हें कानूनी रूप से वापस लेने की लड़ाई लड़ी जाएगी। मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। आपको याद होगा कि अखाड़ा परिषद (मनसा देवी ट्रस्ट) के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने बीते 19 नवंबर को कहा था कि सनातन बोर्ड मंदिरों में हो रहे अपवित्र कार्यों, जैसे प्रसाद में अशुद्धता और अन्य अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा था, “आजकल प्रसाद में चर्बी और खाने-पीने के सामान में थूक मिलाने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। सनातन धर्म की गरिमा को बचाने के लिए बोर्ड का गठन बेहद जरूरी है।”
प्रारूप अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को सौंपा
आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने सनातन बोर्ड के प्रारूप को अखाड़ा परिषद (मनसा देवी ट्रस्ट) के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी को सौंपा। श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि धर्म संसद में प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद सनातन बोर्ड के गठन को लेकर आवाज निरंतर तेज होगी। देशभर में जनजागरण करने के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उसे प्रधानमंत्री और सभी मुख्यमंत्रियों को भेजा जाएगा।
सनातन धर्म की जमान पर कब्जा कर रहे वक्फ बोर्ड वालेः मां आनंदमयी
निरंजनी अखाड़े की मां आनंदमयी पुरी ने कहा, “महात्मा का जीवन संन्यास का होता है। उसे किसी से ज्यादा मतलब नहीं होता है। इसलिए सनातन धर्म की जमीन पर वक्फ बोर्ड वाले कब्जा कर रहे हैं। इसलिए आज हमें सनातन धर्म बोर्ड के गठन की मांग करनी पड़ी। उन कब्जों को छुड़ाकर हमारे बच्चे भगवान के दर्शन कर सकें और उन्हें कोई दिक्कत न हो, इसलिए सनातन धर्म बोर्ड की जरूरत महसूस की गई है।”
इस दौरान रान बड़ा अखाड़ा निर्वाण के मुखिया महंत दुर्गा दास, महामंडलेश्वर गुरु मां आनंदमयी, महामंडलेश्वर महेश गिरि, महामंडलेश्वर राजेंद्र गिरि, महामंडलेश्वर हरिओम गिरि, महामंडलेश्वर विष्णुचेतानंद गिरि, महामंडलेश्वर गजानन गिरि महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी आदि मौजूद रहे।
सनातन बोर्ड के प्रारूप की प्रमुख बातें
- केंद्र सरकार की ओर से सनातन बोर्ड को संवैधानिक मान्यता दी जाए।
- सनातन बोर्ड के अध्यक्ष अखाड़ा परिषद के पदेन अध्यक्ष बनाए जाएं।
- सनातन बोर्ड में 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों को शामिल किया जाए।
- सनातन बोर्ड में सेवानिवृत्त न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और धर्माचार्य शामिल किए जाएं।
- सनातन बोर्ड जिला स्तर पर मठ-मंदिरों का सर्वे करके उसकी स्थिति देखेगा।
- कब्जा हुए मठ-मंदिरों को छुड़ाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
- मतांतरण रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
- गरीब सनातन धर्मावलंबियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
- धार्मिक गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
- संस्कृत भाषा और वेद-पुराणों के संरक्षण के लिए गुरुकुल परंपरा को बढ़ावा दिया जाएगा।
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