Fri. Apr 4th, 2025
तिरुवनन्तपुरम का विश्व प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मन्दिर।तिरुवनन्तपुरम का विश्व प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मन्दिर।

Kerala : भारतीय प्रायद्वीप में अरब सागर के तट पर घने जंगलों, नारियल वृक्षों, मसालों, चाय और कॉफी के बागानों की धरती केरल को प्रकृति ने सदा नीरा नदियों, जलप्रपातों और झीलों की दौलत से नवाजा है। जैव विविधता और समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र के मामलों में धरती के गिने-चुने टुकड़े ही इसकी बराबरी कर सकते हैं।

न्यू हवेली डेस्क

केरल आखिर है क्या? चार शब्दों के इस सवाल का जवाब चन्द अल्फ़ाज़ में दे पाना अत्यन्त कठिन है। फिर भी जवाब देने के प्रयास होते रहते हैं। भारतीय प्रायद्वीप में अरब सागर के तट पर घने जंगलों, नारियल वृक्षों, मसालों, चाय और कॉफी के बागानों की धरती जिसे प्रकृति ने सदा नीरा नदियों, जलप्रपातों और झीलों की दौलत से नवाजा है। जैव विविधता और समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र के मामलों में धरती के गिने-चुने टुकड़े ही इसकी बराबरी कर सकते हैं। धर्म-अध्यात्म और लोक कलाओं की धरती जिसने अपनी सांस्कृतिक विरासत को आज भी सहेज रखा है। भारत के कुछ सबसे आधुनिक और तेजी से आगे बढ़ते शहर केरल (Kerala) में हैं।

केरल को “ईश्वर का अपना घर” भी कहा जाता है। जिन कारणों से यह विश्व भर में पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना है, वे हैं- समशीतोष्ण जलवायु, प्रचुर वर्षा, अद्भुत प्राकृतिक परिदृश्य, सघन वन, शानदार समुद्र तट, बैकवाटर, लैगून और मैनग्रोव जंगल। राज्य सरकार की इको टूरिज्म ड्राइव पर्यटन को और गति दे रही है। यूं तो पूरा केरल ही दर्शनीय है लेकिन यहां कुछ ऐसे स्थान हैं, अवसर मिलने पर जहां अवश्य जाना चाहिए। आज आपको ऐसे ही कुछ स्थानों पर ले चलते हैं।

अल्लेप्पी : पूर्व का वेनिस (Alleppey: Venice of the East)

अलेप्पी
अलेप्पी

अपने अद्भुत सौन्दर्य और मन्त्रमुग्ध कर देने वाले बैकवाटर्स की वजह से आलाप्पुड़ा यानी अल्लेप्पी केरल का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। इसे “पूर्व का वेनिस” भी कहा जाता है। हाउस बोट में रहना आपको एक नया अनुभव देगा। नारियल के वृक्षों की कतारों के बीच से गुजरती नौकाएं किसी दिव्यलोक-सा एहसास कराएंगी। नौका दौड़ को देखने का अलग ही आनन्द है। बोट रेस भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केन्द्र है। यहां के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, भोजन उतना भी विविधतापूर्ण, मसालेदार और स्वादिष्ट।

यहां जायें तो थोटापल्ली बीच, थम्पोली बीच, अम्बालापुझा श्रीकृष्ण मन्दिर, रेवी करुणाकरण संग्रहालय, कृष्णापुरम पैलेस और पुन्नमदा झील को देखना और कुछ समय गुजारना न भूलें। अक्टूबर से फरवरी तक का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा है। निकटतम हवाईअड्डा कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट और रेल हेड अलाप्पुझा रेलवे स्टेशन है।

तिरुवनन्तपुरम : भारत का नित हरा नगर (Thiruvananthapuram: India’s Ever Green City)

तिरुवनन्तपुरम सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन
तिरुवनन्तपुरम सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन

केरल का यह राजधानी शहर अपने शानदार समुद्र तटों, महलों, संग्रहालयों, शिक्षण संस्थानों और पद्मनाभस्वामी मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है। यह भारत के सबसे स्वच्छ, विकसित और हरेभरे शहरों में शामिल है। इसके आसपास कई बैकवाटर और लैगून हैं। महात्मा गांधी ने इसे “भारत का नित हरा नगर” की संज्ञा दी थी।

तिरुवनन्तपुरम की यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच का है। तिरुवनन्तपुरम एयरपोर्ट के लिए भारत के सभी प्रमुख शहरों के अलावा पड़ोसी और खाड़ी देशों से भी नियमित उड़ानें हैं। तिरुवनन्तपुरम सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन न केवल भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है, बल्कि इसकी इमारत भी अत्यन्त सुन्दर और ऐतिहासिक महत्व की है।

कोच्चि : अरब सागर की रानी (Kochi: Queen of the Arabian Sea)

कोच्चि
कोच्चि

यह केरल का सबसे बड़ा व्यावसायिक, औद्योगिक और वित्तीय केन्द्र है। यह 14वीं शताब्दी से ही भारत की पश्चिमी तटरेखा पर मसालों का एक बड़ाव्यापार केन्द्र रहा है और इसे “अरब सागर की रानी” भी कहा जाता है। यह भारत के सबसे तेजी से विकसित होते नगरों में से एक है। भारतीय नौसेना की दक्षिणी नौसैनिक कमान का केन्द्र और भारतीय तटरक्षक का राज्य मुख्यालय यहीं पर है। यहां वह सबकुछ है जिसे देखने की चाहत हर पर्यटक में होती है। खूबसूरत समुद्र तट, बैकवाटर, लैगून, द्वीप, उद्यान, धर्मस्थल, महल, कला दीर्घाएं, पब, कैफे आदि।

कोच्चि घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है। कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट शहर के केन्द्र से करीब 40 किमी पड़ता है। निकटतम रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम जंक्शन यहां से करीब सात किलोमीटर दूर है।

कोवलम : समन्दर किनारे का सौन्दर्य (Kovalam: Beauty of the sea shore)

कोवलम
कोवलम

तिरुवनन्तपुरम से मात्र 18 किलोमीटर दूर अरब सागर के किनारे बसा कोवलम अपने खूबसूरत समुद्र तटों और ताड़ एवं नारियल के वृक्षों के लिए प्रसिद्ध है। कोवलम बीच विश्व के सबसे दर्शनीय समुद्र तटों में से एक है। यहां का लाइटहाउस बीच भी प्रसिद्ध है। यहां आप योग कर सकते हैं और ध्यान लगा सकते हैं। यहां कई आयुर्वेदिक केन्द्र, मालिश केन्द्र और स्पा हैं। वाटर स्पोर्ट्स का आनन्द भी ले सकते हैं। यादगार के तौर पर मसालों और लकड़ी की मूर्तियों समेत कई तरह के हस्तशिल्प उत्पाद खरीद सकते हैं।

सितम्बर से मई तक यहां जाने का सबसे अच्छा समय है। तिरुवनन्तपुरम इण्टरनेशनल एयरपोर्ट और तिरुवनन्तपुरम सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन से यहां पहुंचने में करीब आधा घण्टा लगता है।

वायनाड :  हरियाली की धरती (Wayanad: Land of greenery)

वायनाड
वायनाड

“धान के खेतों की भूमि” कहलाने वाला वायनाड केरल का सबसे अधिक हराभरा पर्यटन स्थल है। यहां के जंगल, चाय और मसालों के बागान, नदियां, झरने-जलप्रपात, झील, गुफाएं और अविश्वसनीय रूप से सुन्दर लैण्डस्केप खुली बांहों से सैलानियों का स्वागत करते हैं। यहां आप एडक्कल गुफाएं देखना न भूलें जो 6,000 साल ईसा पूर्व की कही जाती हैं। ट्रैकिंग कर लगभग 45 मिनट मिनट में यहां तक पहुंचा जा सकता है।

यहां की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मई के बीच का है। वायनाड के लिए कोझिकोड, कोच्चि, कोयम्बटूर, कन्नूर आदि से बस मिलती हैं। कोझिकोड इण्टरनेशनल एयरपोर्ट यहां से करीब 94 किलोमीटर दूर है। निकटतम रेलवे स्टेशन भी कोझिकोड में ही है जहां के लिए तिरुवनन्तपुरम, मंगलुरु, कन्नूर, चेन्नई, बंगलुरु, दिल्ली, मुम्बई, चण्डीगढ़, अहमदाबाद, जयपुर आदि से ट्रेन मिलती हैं।

इडुक्की: हरियाली का सौन्दर्य (Idukki: Beauty of greenery)

इडुक्की
इडुक्की

केरल के सबसे हरेभरे जिलों से एक इडुक्की अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। अत्यन्त सुन्दर अनामुडी पर्वत और एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान यहीं पर हैं। इसके अलावा कुलामावु बांध, इडुक्की आर्क बांध और बैकवाटर भी हैं। यहां अपको हर तरफ या तो जंगल दिखेंगे अथवा मसालों, चाय और कॉफी के बागान।

खास इडुक्की की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय जून से अगस्त के बीच का है। कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट यहां से करीब 101 किमी जबकि मदुरै एयरपोर्ट लगभग 184 किलोमीटर दूर है।

थेक्कड़ी : वन्यजीवों की धरती (Thekkady: Land of Wildlife)

थेक्कड़ी
थेक्कड़ी

इडुक्की जिले में स्थित थेक्कड़ी का पेरियार राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व प्रकृति प्रेमियों के बीच अत्यन्त लोकप्रिय है। इस अभयारण्य में 200 से अधिक तरह के पक्षियों के अलावा हाथी, बाघ, जंगली बिल्ली, सांभर, नीलगिरी लंगूर, गौर आदि देखने को मिलते हैं। घने जंगलों के बीच से बहती नदियां यहां का एक और आकर्षण हैं जिनमें नौका की सवारी की जा सकती है। पेरियार झील, कुमिली, मुल्लापेरियार बांध आदि भी दर्शनीय हैं।

यहां घूमने का सबसे अच्छा समय नवम्बर से मई के बीच का है। कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट यहां से करीब 142 किलोमीटर जबकि मदुरै एयरपोर्ट करीब 150 किलोमीटर दूर है। थेनी रेलवे स्टेशन यहां से लगभग 66 किमी पड़ता है। यह इडुक्की से करीब 54 और कोट्टायम से 107 किलोमीटर है।

कव्वायी: बैकवाटर और लैण्डस्केप (Kawai: Backwaters and Landscapes)

कव्वायी
कव्वायी

इडुक्की के पास स्थित यह स्थान बैकवाटर के लिए प्रसिद्ध है। केरल के कुछ सबसे अच्छे बैकवाटर यहीं पर हैं। कव्वायी बैकवाटर केरल का तीसरी सबसे बड़ा वैकवाटर है। आप बैकवाटर्स में हाउसबोट में ठहर सकते हैं और नौका विहार का आनन्द ले सकते हैं। यहां कुछ बहुत सुन्दर लैण्डस्केप हैं।

यहां जाने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है। कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट निकटतम हवाईअड्डा है। आप थेनी का रेल टिकट भी कटा सकते हैं।

मुन्नार : हनीमून गंतव्य (Munnar: Honeymoon Destination)

मुन्नार
मुन्नार

इस पर्वतीय पर्यटन स्थल के प्रकृतिक सौन्दर्य को देखकर पर्यटकों के मुख से बरबस ही निकल पड़ता है- अद्भुत! अविश्वसनीय!! सहयाद्रि की गोद में बसे मुन्नार में हरेभरे पहाड़ों के बीच भटकते आवारा बादल, कल-कल करते झरने, उद्यान, चाय बागान, डोलमेंस और खूबसूरत लैण्डस्केप आपको दीवाना बना देंगे। यहां के मसालों और चाय की खुशबू के तो क्या कहने! कुल मिलाकर मुन्नार नवविवाहित जोड़ों के लिए आदर्श हनीमून गंतव्य है।

मुन्नार घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है। कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट यहां से करीब 108 जबकि मदुरई एयरपोर्ट लगभग 171 किमी दूर है। तेनी रेलवे स्टेशन यहां से करीब 85 किमी पड़ता है। कोयम्बटूर, कोझिकोड, कोच्चि, वायनाड और मदुरै से यहां के लिए नियमित रूप से बस चलती हैं।

वागामण : सोलो टूरिज्म का आनन्द (Vagaman: The joy of solo tourism)

वागामण
वागामण

इडुक्की जिले में स्थित वागामण केरल के कुछ सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। पिछले कुछ समय से यह एकल पर्यटन (सोलो टूरिज्म) के नक्शे में तेजी से उभरा है। हरेभरे जंगल,खासकर पाइन फॉरेस्ट घूमने के लिए यह एक शानदार जगह है। खूबसूरत घाटियां और बागान इसके सौन्दर्य को और बढ़ा देते हैं। थंगल हिलऔर मुरुगन हिल पर ट्रैकिंग तथावागामण झील में नौकायन करना न भूलें।

यहां की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय अगस्त से मई के बीच का होता है। निकटतम रेलवे स्टेशन यहां से करीब 22 किमी दूर कुट्टिकानम में है। निकटतम हवाईअड्डा कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट यहां से करीब 96 किमी पड़ता है। इडुक्की, मदुरई, कोच्चि, कोट्टायम, तिरुवनन्तपुरम से बस या टैक्सी कर भी यहां पहुंच सकते हैं।

देवीकुलम : देवी सीता का तालाब (Devikulam: Pond of Goddess Sita)

यह पर्वतीय पर्यटन स्थल इडुक्की जिले में मुन्नार से करीब 10 किलोमीटर दूर समुद्र की सतह से 1,800 की ऊंचाई पर है। यहां की हरीभरी पहाड़ियां और वादियां आपका मन मोह लेंगी। यहां पर कई खूबसूरत झीलें और झरने हैं। सीता देवी झील यहां की सबसे लोकप्रिय झील है। इस झील के कारण ही इसे देवीकुलम कहा जाता है। देवी यानी सीता और कुलम का अर्थ है तालाब।

यहां घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून के बीच का है। हालांकि अक्टूबर से फरवरी के बीच भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। निकटतम हवाईअड्डे कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट और मदुरई एयरपोर्ट हैं। करीबी बड़े रेल हेड पोलाची जंक्शन और एर्नाकुलम जंक्शन हैं।

पूवार : स्वर्ग की खिड़की (Poovar: Window to heaven)

पूवार
पूवार

तिरुवनन्तपुरम से करीब 27 किलोमीटर दूर स्थित इस इस छोटे-से शहर में नीले समुद्र, दूर-दूर तक फैलीचमकती रेत और मचलती हवा का संगम मदहोश कर देता है। मैंग्रोव जंगलों,  तरह-तरह के पक्षी, नय्यर नदी का मुहाना, बैक वाटर, फ्लोटिंग कॉटेज, थिरपारप्पु जलप्रपात औऱ फिशिंग विलेज इसके आकर्षण को और बढ़ा देते हैं। स्थानीय लोग इस जगह को “स्वर्ग की खिड़की” कहते हैं। यहां वाटर स्पोर्ट्स का भी आनन्द ले सकते हैं। एक ऐसी जगह जहां आप बार-बार जाना चाहेंगे।

अक्टूबर से फरवरीतक का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा है। नजदीकी हवाईअड्डा तिरुवनन्तपुरम इण्टरनेशनल एयरपोर्ट और रेल हेड तिरुवनन्तपुरम सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन है।

नेल्लीयमपैथी : मदहोश करती खुशबू (Nelliyampathy: Intoxicating Fragrance)

नेल्लीयमपैथी
नेल्लीयमपैथी

केरल के पलक्कड़ जिले में तमिलनाडु की सीमा स्थित यह जगह किसी स्वप्नलोक की भांति है। हरतरफ मसालों, चाय और कॉफी के बागानऔर जंगल यानी हरियाली ही हरियाली। यहां के पहाड़ियां बादलों से मुकाबला करती प्रतीत होती हैं और हवा में घुली मसालों और कॉफी की भीनी-भीनी खुशबू नाक से होते हुए जहन में जा बसती है। इसे “दक्षिण भारत का दूसरी ऊटी” भी कहा जाता है।

मानसून काल को छोड़ कर यहां कभी भी घूमने का कार्यक्रम बना सकते हैं। निकटतम बड़ा रेलवे स्टेशन पलक्कड़ जंक्शन और हवाईअड्डा कोयम्बटूर है।

कुमारकोम : प्रकृति की गोद (Kumarakom: Nature’s lap)

कुमारपोम
कुमारपोम

वेम्बानद झील के किनारे बसा छोटा लेकिन अत्यन्त सुन्दर कुमारकोमनगर कोट्टायम से करीब 14 किलोमीटर पड़ता है। कभी रबर प्लान्टेशन के लिए जाना जाने वाला यह स्थान अब अपने पक्षी अभयारण्य के लिएप्रसिद्ध हो चुका है। यहां के ऐतिहासिक स्मारक, वास्तुशिल्प, झील, जलप्रपात, बैकवाटर और मैंग्रोव जंगलों में घूमने का अपना अलग ही मजा है। यहां आप नौका विहार, फिशिंग, वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। होटल की जगह हाउसबोट में ठहरने का विकल्प अच्छा रहेगा।

यहां की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय सितम्बर से मई के बीच का है। कोट्टायम रेलवे स्टेशन यहां से करीब 14 किमी जबकि कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 78 किलोमीटर दूर है।

कुट्टनाड : धान का कटोरा (Kuttanad: Rice Bowl)

कुट्टनाड
कुट्टनाड

अलापुझा जिले के मध्य में स्थितकुट्टनाड धान के खेतों, बैकवाटर और सुरम्य लैण्डस्केप के लिए प्रसिद्ध है। यह दुनिया में शायद इकलौती ऐसी जगह है जहां समुद्र तल से दो मीटर की गहराई पर खेती की जाती है। इस इलाके को चारबड़ी नदियों का जल प्रवाह हासिल है- पम्पा, मीनच्चिल, अच्चंकोविल और मणिमला। इसे “केरल का धान का कटोरा” भी कहते हैं। केरल के ग्राम्य जीवन की जीवन्त झलक देखनी हो तो कुट्टनाड से अच्छी और कोई जगह हो ही नहीं सकती। पुन्नमदा बैकवाटर और थोट्टापल्ली स्पिलवे बांध यहीं पर हैं।

अक्टूबर से मार्च के बीच यहां की यात्रा करना सबसे अच्छा रहेगा। अलपुझा-चंगनाशेरी सड़क कुट्टनाड के मुख्य हिस्से से गुजरती है। नजदीकी रेलवे स्टेशन अलपुझा और हवाईअड्डा कोच्चि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है।

मुनरो :  जब मन चाहे घूमें (Munro: Roam whenever you want)

मुनरो
मुनरो

कोल्लम जिले में स्थित मुनरोआठ द्वीपों का समूह है। हर द्वीप पानी की छोटी-छोटी धाराओं और झीलों से अलग होता है। यह उन स्थानों में से एक है जहां किसी भी मौसम में घूमा जा सकता है। यह केरल में घूमने के लिए सबसे भव्य और आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। कल्लदा नदी और अष्टमुडी झील का संगम कई आकर्षक परिदृश्यों की सर्जना करता है। पर्यटक अष्टमुडी झील के शान्त पानी में क्रूज पर सैर कर सकते हैं। यूं ही टहलते हुए निकल जायें और नारियल के लहराते पेड़ों और मैंग्रोव जंगलों के नजारों को आंखों में भर लें।

निकटतम रेल हेड मुनरोतुरुत्तु रेलवे स्टेशन है जबकि नजदीकी हवाईअड्डा तिरुवनन्तपुरम इण्टरनेशनल एयरपोर्ट।

पलक्कड़ : खूबसूरत वनभूमि (Palakkad: Beautiful forest land)

पलक्कड़ केरल के सबसे अधिक क्षेत्रफल वाले जिले पलक्कड़ का एक छोटा-सा पहाड़ी शहर है जो अपने जंगलों, खूबसूरत घाटियों और ट्रैकिंग ट्रेल्स के लिए प्रसिद्ध है। अपने यात्रा कार्यक्रम में पलक्कड़ किला, वडक्कनथारा मन्दिर, फन्तासी पार्क और धोनी को शामिल करना न भूलें। साइलेंट वैली नेशनल पार्क और परम्बिकुलम वन्यजीव अभयारण्य इसके आसपास ही हैं।

अक्टूबर से अप्रैल तक का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा है। कोयम्बटूर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट इसकानिकटतम हवाईअड्डा है। पलक्कड़ जंक्शन अथवा पलक्कड़ टाउन रेलवे स्टेशन की ट्रेन पकड़ कर भी यहां तक पहुंच सकते हैं।

 

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