Wed. Feb 4th, 2026

Category: Tourism

महाबलेश्वर : महाराष्ट्र में पांच नदियों की धरती

Mahabaleshwar : महाराष्ट्र के सतारा जिले में सतारा नगर के पश्चिमोत्तर में सह्याद्रि पहाड़ियों पर समुद्र की सतह से 1,438 मीटर की ऊंचाई पर अवस्थित महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) करीब 150 वर्ग…

चिखलदरा : महाऱाष्ट्र के विदर्भ में प्रकृति का सम्मोहन

गुमनाम हो चुके चिखलदरा (Chikhaldara) हिल स्टेशन को वर्ष 1823 में हैदराबाद रेजिमेन्ट में सेवारत एक ब्रिटिश कैप्टन रॉबिन्सन द्वारा फिर से खोजा गया। हरी-भरी पहाड़ियों के कारण यह स्थान…

मालशेज घाट : महाराष्ट्र को प्रकृति का वरदान

Malshej Ghat : प्रकृति प्रेमियों और साहसिक गतिविधियां पसन्द करने वालों के लिए मालशेज घाट (Malshej Ghat) महाराष्ट्र के सबसे अच्छे हिल स्टेशनों में से एक है। मुम्बई, नवी मुम्बई,…

Suryamal: सूर्यमल : सहयाद्रि पर्वतमाला में प्रकृति का अनछुआ सौन्दर्य

Suryamal : सहयाद्रि पर्वतमाला में बसा सूर्यमल (Suryamal) महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मोखडा तालुक में है। समुद्र की सतह से 548.64 मीटर (1800 फीट) की ऊंचाई पर बसी इस…

परशुराम महादेव गुफा मन्दिर : “राजस्थान के अमरनाथ” तक पहुंचने के लिए चढ़नी होती हैं 500 सीढ़ियां

परशुराम महादेव गुफा मन्दिर का निर्माण एक ही चट्टान को काट कर किया गया है। गुफा का ऊपरी भाग गाय के थन के समान प्रतीत होता है। गर्भगृह में भगवान…

इगतपुरी : महाराष्ट्र के वीकेन्ड डेस्टिनेशन के चुनौती देते ट्रैक

सहयाद्रि पर्वतमाला पर समुद्र की सतह से 586 मीटर की ऊंचाई पर बसा इगतपुरी (Igatpuri) नाशिक जिले में है। राष्ट्रीय राजमार्ग 160 पर ठाणे और शाहपुर होते हुए इस भव्य…

कार्सियांग : पश्चिम बंगाल में सफेद आर्किड की धरती

कार्सियांग (Karseang) कभी सिक्किम का एक भाग था। सन् 1835 में सिक्किम के चोग्याल (राजा) ने इस गांव को ईस्ट इण्डिया कम्पनी को सौंप दिया। अंग्रेजों ने यहां की सुन्दरता…

मुरुदेश्वर मन्दिर : यहां गिरा था लंकापति रावण का फेंका वस्त्र

मुरुदेश्वर मन्दिर (Murudeshwar Temple) कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले के भटकल तालुका में भटकल नगर से लगभग 13 किलोमीटर दूर अरब सागर तट पर स्थित है। समुद्र ने इसे तीन…

मिरिक : अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य का धनी भारत का सबसे युवा हिल स्टेशन

मिरिक (Mirik) नाम लेप्चा भाषा के दो शब्दों मिर और योक से बना है जिसका अर्थ है “आग से जली जगह”। लेकिन, अपने नाम के अर्थ के विपरीत यह अद्भुत…