Sun. Feb 22nd, 2026

Category: News

चिल्का : नदी की मिट्टी से बनी झील

शीतकाल के दौरान चिल्का झील (Chilka Lake) भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसके साथ ही यह कई प्रकार की दुर्लभ वनस्पतियों और…

अगुम्बे : दक्षिण भारत का चेरापूंजी

समुद्र की सतह से 823 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाड़ी दर्रे पर स्थित अगुम्बे (Agumbe) कर्नाटक के मैदानी इलाकों को तटीय क्षेत्र से जोड़ता है। यहां हरे-भरे जंगल, बलखाती…

दाण्डेली वन्यजीव अभयारण्य में पक्षियों का अद्भुत संसार

पश्चिमी घाट के पहाड़ों पर घने जंगलों से घिरा दाण्डेली वन्यजीव अभयारण्य (Dandeli Wildlife Sanctuary) अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां आम, जामुन, हिरदा, बेहड़ा, बांस,…

तुएनसांग : प्रकृति के बीच रची-बसी आदिम संस्कृति

तुएनसांग शहर की स्थापना 1947 में की गयी थी और इसका नाम पास ही में स्थित ट्वेनसांग गांव के नाम पर रखा गया। नागालैण्ड का सबसे ऊंचा पहाड़ सारामाती इसके…

चांदीपुर बीच : यहां रोजाना गायब हो जाता है समन्दर

चांदीपुर बीच (Chandipur Beach) इसलिए भी खास है क्योंकि यहां दिन में एक नहीं बल्कि दो बार समुद्र के पीछे चले जाने के अद्भुत नजारे को देखा और कैमरे में…

गोल्डन बीच : डूबते सूरज की बिखरी किरणों का जादू

न्यूज हवेली नेटवर्क समुद्र के कांच जैसे पारदर्शी पानी और तट की चांदी जैसी चमकती रेत पर डूबते सूरज की बिखरी किरणों ने सुनहरा रंग भरना शुरू कर दिया और…

लोलार्क कुण्ड : खगोल विज्ञान और आस्था का संगम

यात्रा पार्टनर नेटवर्क वाराणसी के “पंचतीर्थी” में शामिल अस्सी घाट पर स्नान-ध्यान करने के बाद हम लोग टहलते हुए उसके ठीक पड़ोस में स्थित तुलसी घाट पहुंचे। यहां पर घूमते…

शोजा : कल्पना से ज्यादा सुन्दर, शब्दों से परे

सेराज घाटी की गोद में बसा है शोजा गांव। यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां बहुत ही सुन्दर दिखाई देती हैं। यह स्थान जालोरी पास से करीब पांच…

मिलम ग्लेशियर : कुमाऊं का सबसे बड़ा हिमनद

मिलम ग्लेशियर (Milam Glacier) नन्दा देवी से 15 किलोमीटर पूर्वोत्तर में है। यह समुद्र तल से 5,500 मीटर की ऊंचाई से शुरू होता है जबकि इसका मुख 3,870 मीटर की…

वुलर : भारत में ताजे पानी की सबसे बड़ी झील

यह वुलर झील है, भारत में ताजे (मीठे) पानी की सबसे बड़ी झील। यह प्रकृति की अनूठी संरचना है जो झेलम नदी के मार्ग में आती है। झेलम मानो ठिठक…