Fri. Apr 4th, 2025
lac

चीनी सैनिक चार्डिंग नाले के पूर्वी किनारे की ओर पीछे हट रहे हैं जबकि भारतीय सैनिक पश्चिमी किनारे की ओर वापस लौट रहे हैं।

नई दिल्ली। आखिरकार भारत वह पहला देश बन गया जिसने ड्रैगन के फन पर गंभीर चोट पहुंचा कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इसका नजारा देखऱा जा सकता है। पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध को समाप्त करने के लिए भारत और चीन के बीच हुए समझौते के कुछ दिनों बाद एलएसी पर सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद, विशेष रूप से देप्सांग और देमचोक क्षेत्रों में गश्त के अधिकारों पर केंद्रित है। चीन ने 2020 से देपसांग के मैदानों में लगभग 650 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र और डेमचोक में दो गश्ती बिंदुओं (पैट्रोलिंग पॉइंट्स) पर भारत की पहुंच को अवरुद्ध कर दिया था जिसे भारत ऐतिहासिक रूप से अपना क्षेत्र मानता है।

सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी के गतिरोध वाले क्षेत्रों में दोनों तरफ से अब तक पांच-पांच टेंट हटा लिये गए हैं। कुछ अस्थायी ढांचों को भी हटा दिया गया है और यह प्रक्रिया जारी है। चीनी सैनिक चार्डिंग नाले के पूर्वी किनारे की ओर पीछे हट रहे हैं जबकि भारतीय सैनिक पश्चिमी किनारे की ओर वापस लौट रहे हैं। दोनों तरफ लगभग 10-12 अस्थायी ढांचे और 12 टेंट हैं जिन्हें हटाया जाएगा। एक बार जब सभी टेंट और अस्थायी ढांचे पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे तो एक संयुक्त सत्यापन प्रक्रिया शुरू होगी।

गुरुवार को चीनी सेना ने इलाके में अपने वाहनों की संख्या भी कम कर दी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने भी कुछ सैनिकों को वापस बुला लिया। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले 4-5 दिनों में देपसांग और डेमचोक में गश्त फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि भारत ने 21 अक्टूबर को घोषणा की थी कि वह चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर गश्त करने के समझौते पर पहुंच गया है जिससे चार साल से अधिक समय से चल रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने में एक बड़ी सफलता मिली है। मई 2020 में गलवान घाटी में सैनिकों के बीच हिंसक टकराव के बाद गतिरोध शुरू हुआ था।

चीन ने भी की भारत के साथ हुए समझौते की पुष्टि

monal website banner

चीन ने भी अगले दिन यानी 22 अक्टीबर 2024 को इस समझौते की पुष्टि की। बीजिंग ने कहा, “प्रासंगिक मामलों” पर एक समाधान हो गया है और वह इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।” चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि आगे चलकर उनका देश इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।

तनावपूर्ण संबंधों में सुधार की उम्मीद

सीमा पर सैनिकों की वापसी से दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच तनावपूर्ण संबंधों में सुधार की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात में इस समझौते का समर्थन किया। इस बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से विभिन्न द्विपक्षीय वार्ता तंत्रों को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए गए जिससे संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों का संकेत मिला।

भारत और चीन के बीच हुआ समझौता

भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर अपने सैनिकों को पीछे हटाने और फिर से पेट्रोलिंग शुरू करने के लिए एक नए समझौते पर पहुंचे हैं। कथित तौर पर यह समझौता डेपसांग और डेमचौक इलाकों में पेट्रोलिंग से संबंधित है।

जानकारी के मुताबिक संघर्ष के इन दोनों बिंदुओं (डेपसांग और डेमचौक) पर पेट्रोलिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही दोनों देश अपने सैनिकों को पीछे हटाना शुरू कर देंगे, जिसे मिलिट्री टर्म में डिसइंगेजमेंट कहते हैं।

पीएम मोदी के रूस दौरे से पहले हुआ समझौता

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पेट्रोलिंग की व्यवस्था को लेकर बनी सहमति से 2020 में पूर्वी लद्दाख में उत्पन्न हुए तनाव का धीरे-धीरे समाधान हो रहा है। यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम 22-23 अक्टूबर को हुए 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा से ठीक पहले सामने आया था।

पांच साल में पहली बार हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा संबंधी मामलों पर मतभेदों को सीमा पर शांति और स्थिरता को भंग न करने देने की आवश्यकता पर जोर दिया। शी चिनफिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए सुझावों पर “सैद्धांतिक रूप से” सहमति जताई।

 

34 thought on “LAC : चीन ने उखाड़े अपने तंबू, पीछे हटीं दोनों देशों की सेनाएं”
  1. Привет, любитель поиграть в контру и получить за это скинов от Гейба. У тебя есть полны и нвентарь и ты ищешь где продать скины кс2 . Читай подборку сайтов которые тебе помогут сделать это мгновенно и с удобным способом вывода для тебя.

  2. Ты игрок в CS2 или КС ГО? Если тебе надоели твои обыные скины и ты хочешь продать их и вывести деньги себе на карту, то для этого существуют специальные сайты, которые помогают с этим. ТУТ: вывод скинов кс ты сможешь реализовать свои скины вывести деньги на карту в течение 10 минут.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *