Wed. Feb 4th, 2026

Category: Tourism

पर्यटक नहीं, बैकपैकर बनो और खूब घूमो

मैं आपको घटगढ़ के फ्रीकी (अजीब) जलप्रपात की यात्रा का पूरा वृतांत बताता हूं जो नैनीताल जिले के कालाढूंगी वन रेंज का एकमात्र सूचीबद्ध जलप्रपात है। यहां जाने के लिए…

कमलांग वन्यजीव अभयारण्य : सूर्योदय की धरती पर प्रकृति का वरदान

783 वर्ग किलोमीटर (302 वर्ग मील) में फैले कमलांग वन्यजीव अभयारण्य के उत्तर में लैंग नदी बहती है जबकि नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान इसकी दक्षिणी सीमा बनाता है। यह अरुणाचल प्रदेश…

कपिलधारा जलप्रपात : अमरकण्टक में नर्मदा की पहली छलांग

कपिलधारा जलप्रपात नर्मदा कुंड से करीब छह किलोमीटर दूर है। कपिल ऋषि के नाम पर इसका नाम कपिलधारा पड़ा। प्रचीन हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार कपिल ऋषि ने इसी स्थान पर…

घुड़खर वन्यजीव अभयारण्य : यहां निर्भय होकर घूमते हैं जंगली गधे

जंगली गधों के संरक्षण-संवर्धन के लिए 4954 वर्ग किलोमीटर में बनाया गया घुड़खर वन्यजीव अभयारण्य भारत का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है। यहां गधे की लुप्तप्राय प्रजाति के साथ-साथ चिंकारा,…

सोनारगढ़ : जैसलमेर का सोने की तरह दमकता किला

रावल जैसल भाटी ने 1155 में सोनारगढ़ किले (Sonargarh Fort) का निर्माण कार्य शुरू कराया और उनके पुत्र व उत्तराधिकारी शालिवाहन द्वितीय के कार्यकाल में यह तैयार हुआ। पीले पत्थरों…

सोमेश्वर वन्यजीव अभयारण्य : सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में महादेव का जंगल

सोमेश्वर वन्यजीव अभयारण्य को वर्ष 1974 में अभयारण्य घोषित किया गया। वर्ष 2011 में इसका विस्तार कर बालेहल्ली रिजर्व फॉरेस्ट, अगुम्बे स्टेट फॉरेस्ट, सोमेश्वर रिजर्व फॉरेस्ट और टोम्बटलू रिजर्व फॉरेस्ट…

मेचुका : अरुणाचल प्रदेश में “सपनों की दुनिया”

Mechuka: मेचुका को मेनचुखा के नाम से भी जाना जाता है जो तीन शब्दों से बना है। स्थानीय भाषा में “मेन” का अर्थ है “औषधीय”, “चू” का अर्थ है “पानी”…

ऊटी : दक्षिण भारत के पहाड़ों की रानी

दूर-दूर तक फैली हरियाली, चाय के बागान, तरह-तरह की वनस्पतियां ऊटी (Ooty) को खास बनाती हैं। यहां कि प्राकृतिक सुन्दरता और जैव विविधता बनाये रखने के लिए पहाड़ों के कई…

Lachung – लाचुंग : सिक्किम का सबसे सुन्दर गांव

लाचुंग (Lachung) की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां पूरे साल सर्दी पड़ती है। नवम्बर से फरवरी के बीच यहां का तापमान अक्सर शून्य से नीचे चला जाता है और…

Lonavala: – लोनावाला : खूबसूरत पहाड़ों और घाटियों के बीच ट्रैकिंग का आनन्द

Lonavala: लोनावला शब्द प्राकृत भाषा के दो शब्दों “लेन” और “अवली” से मिल कर बना है। लेन का अर्थ है पत्थरों को काट कर बनाया “आश्रय स्थल” जबकि अवली का…