Sun. Feb 8th, 2026

Category: Literature

अमीर खुसरो का वह विवाह गीत जो अमर हो गया- काहे को ब्याहे बिदेस…

हम तो बाबुल तोरे आंगन की चिरिया अरे चुगे, पिए, उड़ जाए, लखिया बाबुल मोरे, काहे को ब्याहे बिदेस अमीर खुसरो ——————————- ख्वाजा जी सुन ली हमरे जियरा की पीर…

ईदगाह – प्रेमचंद की कालजयी कहानी

बच्चे में कितना त्याग, कितना ‍सद्‌भाव और कितना विवेक है! दूसरों को खिलौने लेते और मिठाई खाते देखकर इसका मन कितना ललचाया होगा? इतना जब्त इससे हुआ कैसे? वहाँ भी…